वेदांता की पहल से इस साल 10 लाख लड़कियों को मिला शिक्षा, स्वास्थ्य और खेल का सहारा

Nikhil Singh
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देश में लड़कियों की शिक्षा, स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए वेदांता समूह ने बड़ा कदम उठाया है। कंपनी के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) में उसके बालिका-केंद्रित कार्यक्रमों से 10 लाख से अधिक लड़कियों को लाभ मिला है। ये पहल भारत के 13 से अधिक राज्यों के अलावा दक्षिण अफ्रीका और जाम्बिया में भी संचालित की जा रही हैं। इन कार्यक्रमों के जरिए लड़कियों को शिक्षा, कौशल विकास, स्वास्थ्य सेवाओं, खेल और रोजगार से जुड़े अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।

शिक्षा से रोजगार तक बेटियों को सशक्त बनाने की पहल

अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर वेदांता ने अपने कार्यक्रमों के प्रभाव की जानकारी साझा की। इन पहलों का उद्देश्य लड़कियों को बचपन से लेकर युवावस्था तक जरूरी सुविधाएं और अवसर उपलब्ध कराना है, ताकि वे शिक्षा हासिल करने के साथ अपने भविष्य के लिए बेहतर फैसले ले सकें। कंपनी की ये पहल संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों से भी जुड़ी हैं। इनमें बेहतर पोषण, स्वास्थ्य, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, लैंगिक समानता और रोजगार के अवसर बढ़ाने जैसे लक्ष्य शामिल हैं।

नंद घरों से 5 लाख से अधिक बच्चों तक पहुंच

वेदांता के नंद घर कार्यक्रम के माध्यम से 5 लाख से अधिक बच्चों तक पहुंच बनाई गई है। इस पहल का उद्देश्य बच्चों को शुरुआती वर्षों में बेहतर देखभाल और विकास के अवसर उपलब्ध कराना है। इससे बालिकाओं को भी स्वस्थ शुरुआत देने में मदद मिलती है। इसके अलावा, कंपनी स्कूलों में STEM लैब और डिजिटल क्लासरूम के माध्यम से विज्ञान, तकनीक, इंजीनियरिंग और गणित की पढ़ाई को बढ़ावा दे रही है। इन सुविधाओं से लड़कियों के लिए तकनीकी शिक्षा और भविष्य में नए करियर विकल्पों की राह खोलने का प्रयास किया जा रहा है। व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों के जरिए उन्हें रोजगार और आजीविका से जुड़ने के लिए जरूरी कौशल भी सिखाए जा रहे हैं।

एनीमिया और मासिक धर्म स्वच्छता पर जागरूकता

लड़कियों और किशोरियों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए वेदांता एनीमिया, मासिक धर्म स्वच्छता और सर्वाइकल कैंसर के प्रति जागरूकता बढ़ाने से जुड़े कार्यक्रम भी चला रहा है। कंपनी के मुताबिक, किशोरावस्था, बाल विवाह की रोकथाम और महिलाओं के कानूनी अधिकारों जैसे विषयों पर समुदाय स्तर पर 2 लाख से अधिक लोगों तक पहुंच बनाई गई है। इन प्रयासों का मकसद स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं पर खुलकर बातचीत को बढ़ावा देना और लड़कियों के अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।

फुटबॉल और मार्शल आर्ट्स में भी आगे बढ़ रहीं लड़कियां

वेदांता लड़कियों को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए फुटबॉल, कराटे और मार्शल आर्ट्स से जुड़े कार्यक्रम चला रहा है। राजस्थान और गोवा में आवासीय बालिका फुटबॉल अकादमियां संचालित की जा रही हैं। वहीं, ओडिशा और विशाखापत्तनम में मार्शल आर्ट्स कार्यक्रमों का विस्तार किया गया है। कंपनी के अनुसार, फुटबॉल कार्यक्रम से जुड़ी कुछ लड़कियां भारत की अंडर-16 और अंडर-17 टीमों के ट्रायल तथा राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं तक पहुंच रही हैं। यह पहल लड़कियों में आत्मविश्वास बढ़ाने और उन्हें खेल में प्रतिस्पर्धा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण है।

कंपनी में 35 प्रतिशत महिला प्रतिनिधित्व का लक्ष्य

समुदायों में बालिकाओं को सशक्त बनाने के साथ वेदांता समूह ने अपने संगठन में भी महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने का लक्ष्य रखा है। कंपनी ने संगठन के सभी स्तरों पर महिलाओं का प्रतिनिधित्व 35 प्रतिशत तक पहुंचाने की अपनी महत्वाकांक्षा जताई है। वेदांता द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, भारत के वार्षिक औद्योगिक सर्वेक्षण में वित्त वर्ष 2023-24 के दौरान विभिन्न उद्योगों में प्रत्यक्ष रोजगार में महिलाओं की हिस्सेदारी करीब 18 प्रतिशत थी। वहीं, खनन और धातु जैसे मुख्य औद्योगिक क्षेत्रों में यह हिस्सेदारी लगभग 6 प्रतिशत बताई गई है। कंपनी का कहना है कि शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल और कौशल विकास से जुड़ी पहल लड़कियों को आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने में मदद कर सकती हैं। इन कार्यक्रमों के जरिए उन्हें आत्मनिर्भर बनाने और सामाजिक व आर्थिक विकास में उनकी भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।

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Nikhil Singh is a Senior Correspondent at The ESG India, covering ESG, CSR, sustainability and government policy across India. He reports on corporate accountability, climate action and social impact.