15000 सीमेंट की बोरियों से बनी मां दुर्गा की भव्य आकृति, 750 टन सीमेंट से Adani Cement ने रचा अनोखा नजारा

Nikhil Singh
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नवरात्रि और दुर्गा पूजा 2026 के अवसर पर Adani Cement ने मां दुर्गा को एक अनोखे अंदाज में श्रद्धांजलि दी है। कंपनी ने मध्य प्रदेश के कैमोर स्थित अपने प्लांट में 15,000 सीमेंट की बोरियों का इस्तेमाल कर मां दुर्गा की विशाल आकृति तैयार की। जमीन से देखने पर ये बोरियां अलग-अलग नजर आती हैं, लेकिन जब कैमरा आसमान से इस पूरी संरचना को दिखाता है, तो मां दुर्गा की भव्य छवि सामने आती है। इस अनूठी पहल को ‘जहां विश्वास, वहां शक्ति’ नाम दिया गया है।

Adani द्वारा बनायीं गई भव्य आकृति आसमान से भी दिख रही है

कंपनी के मुताबिक, इस विशाल कलाकृति को 70×70 फीट के क्षेत्र में तैयार किया गया। इसमें अंबुजा सीमेंट और एसीसी सीमेंट की कुल 15,000 बोरियों का इस्तेमाल हुआ, जिनका कुल वजन 750 टन है। इस पूरी संरचना को आकार देने में 12,600 मानव-घंटों का सामूहिक श्रम लगा। इसकी तैयारी से लेकर आसमान से दिखाई देने वाली भव्य आकृति तक के सफर को एक डिजिटल फिल्म में भी दिखाया गया है, जिसे कंपनी अपने डिजिटल और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जारी कर रही है।

15 हजार बोरियों से उभरी मां दुर्गा की भव्य छवि

इस परियोजना की सबसे खास बात इसका एरियल व्यू यानी आसमान से दिखाई देने वाला नजारा है। जमीन पर सीमेंट की हजारों बोरियां एक निश्चित क्रम में रखी गईं। हर बोरी को बेहद सटीक तरीके से व्यवस्थित किया गया, ताकि ऊपर से देखने पर मां दुर्गा की पूरी आकृति उभर सके। जैसे-जैसे कैमरा ऊपर उठता है, बोरियों की कतारें आकृति का रूप लेने लगती हैं। धीरे-धीरे मां दुर्गा का मुकुट, आंखें, दस भुजाएं और उनकी पूरी छवि स्पष्ट दिखाई देने लगती है। इस तरह निर्माण कार्य में इस्तेमाल होने वाली सीमेंट की बोरियां आस्था और भक्ति के एक विशाल प्रतीक में बदल जाती हैं। इस पूरी प्रक्रिया में हजारों लोगों के सामूहिक प्रयास को खास तौर पर रेखांकित किया गया है। कंपनी की डिजिटल फिल्म इसी बदलाव को दिखाती है कि कैसे अलग-अलग इकाइयों से मिलकर एक विशाल संरचना तैयार होती है। यह पहल मेहनत, सटीकता, टीमवर्क और सामूहिक संकल्प की ताकत को सामने लाती है। कंपनी का दावा है कि पैक्ड सीमेंट की बोरियों से मां दुर्गा को समर्पित इस तरह की विशाल एरियल आकृति तैयार करने वाली वह पहली और एकमात्र सीमेंट कंपनी है।

‘जहां विश्वास, वहां शक्ति’ अभियान का क्या है संदेश?

Adani Cement का यह अभियान उसके दो प्रमुख ब्रांडों की पहचान को एक साथ जोड़ता है। इसमें एसीसी सीमेंट की पहचान से जुड़ा ‘विश्वास’ और अंबुजा सीमेंट की ब्रांड पहचान से जुड़ी ‘शक्ति’ को केंद्र में रखा गया है। मां दुर्गा को शक्ति, साहस और रक्षा का प्रतीक माना जाता है। इसी भावना को आधार बनाकर कंपनी ने अपने अभियान के जरिए विश्वास और मजबूती के मेल को दर्शाने की कोशिश की है। अभियान का संदेश है कि जब विश्वास और शक्ति एक साथ आते हैं, तो सामूहिक प्रयास से कुछ असाधारण किया जा सकता है। डिजिटल फिल्म की शुरुआत सीमेंट की बोरियों को व्यवस्थित करते लोगों, काम करते हाथों और धीरे-धीरे तैयार होती संरचना के दृश्यों से होती है। इसके बाद कैमरा ऊपर उठता है और दर्शकों के सामने मां दुर्गा की विशाल आकृति का खुलासा होता है। यही क्षण इस पूरे अभियान का सबसे प्रभावशाली हिस्सा है।

1923 से कैमोर में मौजूद है एसीसी सीमेंट का प्लांट

इस अभियान का एक महत्वपूर्ण पहलू मध्य प्रदेश के कैमोर क्षेत्र से जुड़ा होना भी है। कैमोर में एसीसी का सीमेंट प्लांट वर्ष 1923 में स्थापित हुआ था। यह क्षेत्र रामलीला के लंबे समय से चले आ रहे आयोजनों और सांस्कृतिक परंपराओं के लिए भी जाना जाता है। ऐसे में नवरात्रि और दुर्गा पूजा के अवसर पर मां दुर्गा की यह विशाल आकृति स्थानीय सांस्कृतिक विरासत और कंपनी की औद्योगिक पहचान को जोड़ती है। इस पहल के जरिए कंपनी ने निर्माण सामग्री को केवल इमारतें बनाने तक सीमित न रखते हुए उसे आस्था और सामुदायिक सहभागिता से जोड़ने का प्रयास किया है। Adani Cement, अडानी समूह का हिस्सा है और कंपनी की घोषणा के अनुसार, यह दुनिया की नौवीं सबसे बड़ी सीमेंट उत्पादक कंपनी है। ‘जहां विश्वास, वहां शक्ति’ अभियान के माध्यम से कंपनी ने त्योहारों की सांस्कृतिक भावना, ब्रांड की पहचान और हजारों लोगों की सामूहिक मेहनत को एक ही विशाल कलाकृति में समेटने की कोशिश की है।

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Nikhil Singh is a Senior Correspondent at The ESG India, covering ESG, CSR, sustainability and government policy across India. He reports on corporate accountability, climate action and social impact.